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Pramod Kumar

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Brics summit 2021:-भारत की अध्यक्षता में संपन्न ।

           ब्रिक्स सम्मिट 2021


वर्ष  2021 के लिए 13 वें शिखर सम्मेलन ( BRICS ) SUMMIT ) का आयोजन सितंबर को किया गया ।
• इस सम्मेलन की अध्यक्षता भारत ने किया।
यह तीसरी बार है जब भारत इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है इससे पहले भारत  2012 और  2016 में अध्यक्षता कर चुका है।

• ब्रिक्स BRICS विश्व के पांच बड़ी अर्थव्यवस्था Brazil, Russia, India, China and South Africa के समूह के लिए एक संक्षिप्त शब्द (Abbreviation ) है।

2020 में कोविड-19 महामारी के चलते हैं इसका आयोजन रूस की अध्यक्षता में वर्चुअल मोड में किया गया था। 

• बता दें कि छठवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों द्वारा संयुक्त रूप से एक बहुराष्ट्रीय विकास बैंक ( new development bank ) NDB  की स्थापना की घोषणा की गई थी।


• भारत के के. वी. कामथ  ( K.V. KAMATH  ) इसके प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे ।




•वर्ष 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की प्रथम बैठक के दौरान ब्रिक ( BRIC ) समूह का निर्माण हुआ जबकि 2010 में दक्षिण अफ्रीका के इस में शामिल होने के बाद यह (BRICS ) कहां जाने लगा ।

•यह कोई संगठन नहीं बल्कि इन 5 देशों के सर्वोच्च नेताओं के बीच एक वार्षिक शिखर सम्मेलन है।
• ब्रिक्स  के शिखर वार्ता की अध्यक्षता प्रतिवर्ष  B-R-I-C-S के क्रमानुसार से सदस्य देशों द्वारा की जाती है।



सम्मेलन की प्रमुख बातें :- 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने कहा कि पिछले डेढ़ दशकों में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के प्रभावकारी आवाज है।
उन्होंने कहा की हमें सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और  परिणामदाई हो ।
भारत ने अपने अध्यक्षता के लिए जो थीम चुना है वह भी यही दर्शाता है ।


• हमने ब्रिक्स "काउंटर टेररिज्म एक्शन प्लान "अडॉप्ट किया ।
•भविष्य में ब्रिक्स  को और उपयोगी बनाएंगे ।
सम्मेलन के समापन के दौरान ब्रिक्स के नेताओं ने "नई दिल्ली घोषणा "के तहत अफगान संकट को शांतिपूर्ण तरीके से निपटने के लिए आवाह्न किया ।

शिखर सम्मेलन में आतंकवाद से निपटने प्राथमिकता को रेखांकित किया । जिसमें आतंकवादी संगठनों द्वारा अफगान क्षेत्र को आतंकवादी अभ्यारण के रूप में उपयोग करने और अन्य देशों के ऊपर हमला करने के प्रयास शामिल है.

उन्होंने मानवीय स्थिति को संबोधित करने, महिलाओं, बच्चों  और अल्पसंख्यको सहित मानव अधिकारों को बनाए रखने की आवश्यकता पर  बल दिया ।




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