राजकीय पशु :- हिम तेंदुआ
जम्मू कश्मीर राज्य के विघटन के 2 वर्ष बाद लद्दाख ने अपना राजकीय पशु और राजकीय पक्षी की घोषणा की है।
जिसमें हिम तेंदुआ (राजकीय पशु ) और ब्लैक - नेक्ड क्रेन ( काली गर्दन वाला सारस) को राजकीय पक्षी के रूप में अपनाया है, इससे पहले जम्मू कश्मीर और लद्दाख दोनों ही राज्य के लिए हंगुल राजकीय पशु और क्रेन राजकीय पक्षी था।
चुकी क्रेन लद्दाख के चांग थाग इलाके में ही पाया जाता है जिससे इसे लद्दाख में राजकीय पक्षी की पहचान मिल गई है।
हिम तेंदुआ का परिस्थितिकी महत्व एवं लद्दाख की भौगोलिक विशेषताएं :-
हिम तेंदुआ ( पैंथेरा यूनिया ) खाद्य श्रृंखला शीर्ष शिकारी के रूप में अपनी स्थिति के कारण उस पर्वतीय परिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य के संकेतक के तौर पर कार्य करते हैं जिसमें वो रहते हैं।
आवास :- मध्य और दक्षिणी एशिया के पर्वतीय क्षेत्र।
भारत में उनकी भौगोलिक सीमा में शामिल क्षेत्र :-जम्मू कश्मीर , लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश ।
•विश्व की हिम तेंदुआ राजधानी :-हेमिस नेशनल पार्क ( भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान भी है और इसमें तेंदुआ की अच्छी खासी संख्या है )
क्या क्या खतरा है :-अवैध शिकार और प्रजातियों के आवास में मानव आबादी की घुसपैठ में वृद्धि। वन्यजीवों के अंगों और उत्पादों का अवैध व्यापार।
संरक्षण की स्थिति क्या है ? सुभेद्द
CITES :- अनुसूची-1। वन्य जीव ( संरक्षण ) अधिनियम 1972 :-अनुसूची-1 कन्वेंशन ऑन माइग्रेटरी स्पीशीज में भी सूचीबद्ध है।
ब्लैक - नेक्ड क्रेन (ग्रस निग्रीकोलिस ) :-
इसे तिब्बती क्रेन भी कहा जाता है , एक बड़ा पक्षी मध्यम आकार का क्रेन है ।
नर और मादा लगभग एक ही आकार के होते हैं लेकिन नर मादा से थोड़ा बड़ा होता है । इसके सिर पर एक विशिष्ट रेड क्राउन मौजूद होता है ।
आवास :- तिब्बती पठार, सिचूआन ( चीन ) और पूर्वी लद्दाख (भारत ) ऊंचाई वाली आर्दभूमि इन प्रजातियों का मुख्य प्रजनन स्थल है ।
यह पक्षी सर्दी का मौसम कम ऊंचाई वाले स्थानों पर बिताता है भूटान और अरुणाचल प्रदेश में केवल सर्दियों में आता है।
खतरा :- जंगली जानवरों ( कुत्तों ) से चुनो तथा अंडों का खतरा । आर्दभूमि पर मानव दबाव के कारण आवासों का खतरा। आर्दभूमि के पास चारागाहो पर मानव दबाव का खतरा
संरक्षण की स्थिति :-
• IUCN रेड लिस्ट - संकट के निकट ।
• CITES :- परिशिष्ट-1
लद्दाख :- इसे जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत 31 अक्टूबर 2019 को भारत के केंद्र शासित प्रदेश ( UT ) का दर्जा दिया गया ।
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