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पूजा स्थल कानून क्या है, क्यों उठ रहे सवाल ?
** 1991 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, और उसने लेकर आई थी पूजा स्थल कानून।
** मंदिर आंदोलन के दौर में मंदिर मस्जिद विवाद के कारण इन विवादों को रोकने के लिए लाया गया था कानून।
** इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है कोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा है।
** याचिका में इस कानून को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाला तथा भेदभाव पूर्ण बताया गया है।
ज्ञानवापी मस्जिद विवाद की कहानी
** 1991- पहली बार मुकदमा दायर कर पूजा करने की अनुमति मांगी गई।
** 1993 - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यथास्थिति रखने का आदेश दिया ।
** 2018 - सुप्रीम कोर्ट ने स्टे आर्डर की वैधता 6 महीने के लिए बढ़ाई ।
** 2019 - वाराणसी कोर्ट में फिर इस मामले की सुनवाई शुरू हुई ।
** 2021 - फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ज्ञानवापी पुरातात्विक सर्वेक्षण के लिए अनुमति दे दी ।
11औ



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