सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Pramod Kumar

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद क्या है, पूजा स्थल कानून क्या है, बनारस भी अयोध्या के राह पर

वैश्विक विनिर्माण जोखिम सूचकांक 2021


 

वैश्विक विनिर्माण जोखिम सूचकांक 2021

  

 By. दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण:



अमेरिका को पीछे छोड़ भारत बना दूसरा सबसे अधिक  मांग वाला विनिर्माण गंतव्य ।



राष्ट्रीय संस्करण दैनिक जागरण के अनुसार:-


. अमेरिका को पछाड़ कर भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षक मैन्युफैक्चरिंग हब बन गया है।

. रियल स्टेट सलाहकार कुशमैन एंड ब्रेकफील्ड ने यह जानकारी दी है

. मुख्य रूप से कम लागत के चलते देश का आकर्षण बढ़ा है 

. वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग जोखिम सूचकांक 2021 मैं प्रथम स्थान चीन का है।

यह सूचकांक यूरोप, अमेरिका तथा एशिया प्रशांत के 47 देशों में से वैश्विक विनिर्माण के लिए आकर्षक या लाभ वाले गंतव्यों का आकलन करता है।

सबसे अधिक मांग वाले मैन्युफैक्चरिंग गंतव्यों में चीन के बाद भारत दूसरा स्थान रहा है।

1. चीन
2. भारत
3. अमेरिका

4. कनाडा

. पिछले साल की रिपोर्ट में अमेरिका दूसरे तथा भारत तीसरे नंबर पर था।

. रिपोर्ट से यह पता चलता है कि अमेरिका और एशिया प्रशांत की तुलना में भारत में मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां रुचि दिखा रही हैं।

. इसका कारण परिचालन की परिस्थितियां तथा कम लागत बताया जा रहा है।
. वहीं भारत ने आउटसोर्सिंग की जरूरतों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया है।




रिपोर्ट में रैंकिंग का निर्धारण चार प्रमुख मापदंडों पर किया गया है ......


*विनिर्माण को पुनः शुरू करने मैं सरकार की क्षमता .

*कारोबारी माहौल जैसे (प्रतिभा /श्रम के उपलब्धता , जानू तक पहुंच )

*संचालन लागत

*जोखिम (आर्थिक , पर्यावरणीय और राजनीतिक )

( सूचकांक में सुधार के कारण )

. सस्ता श्रम और युवा बल
. अमेरिका, चीन तनाव
. फार्मा, रसायन तथा इंजीनियरिंग क्षेत्र में पहले से ही स्थापित आधारभूत संरचना


‌ विनिर्माण क्षेत्र में सुधार हेतु हाल ही में की गई  पहल 


* राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन ( NIP)
* मेक इन इंडिया
* स्किल इंडिया
* सुक्ष्म - लघु उद्योगों के लिए ऋण गारंटी योजना
*औद्योगिक गलियारे



<head><script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-7938691069966012"
     crossorigin="anonymous"></script></head>

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"किसान के लाल निषाद कुमार ने किया कमाल"टोक्यो में मेडल जीता

  "निषाद कुमार का बायोग्राफी " ✓  21 वर्षीय निषाद कुमार ने 2.06 मीटर की कुद लगाकर        एशियाई   रिकॉर्ड बनाया और दूसरे स्थान पर रहे । ✓टोक्यो पैरालंपिक में हाई जंप के सिल्वर मेडलिस्ट बोले- मजदूरी करके पैरालंपिक तक  पहुंचाने वाले माता-पिता को मैडल  समर्पित । ✓ निषाद का जन्म 3 अक्टूबर 1999 में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में एक किसान के परिवार में हुआ था । ✓ माता पिता के कामों में हाथ बंटाने के लिए निषाद ने भी बचपन से ही खेतों में काम करना शुरू कर दिया था इसी दौरान 8 वर्ष की उम्र में घास काटने की मशीन  से दुर्भाग्यवश हाथ कट गया । संघर्ष की शुरुआत  ✓ तमाम आर्थिक तंगीयों के साथ निषाद पर अनेक संकट आने लगे । इसके बाद भी ने निषाद ने हार नहीं मानी और फिर उठ खड़ा होने की ठानी और 2 साल बाद ही स्कूल में ट्रेनिंग शुरू कर दे। ✓ स्कूल खत्म होते हैं 2017 में राष्ट्रीय स्कूल स्पर्धा में दसवां स्थान हासिल किया।  ✓इस प्रतियोगिता के बाद निषाद पंचकूला में अभ्यास करने आए और यहीं से राष्ट्रीय टूर्नामेंट जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ...

मेरी पंचायत, मेरा अधिकार-जनसेवाये हमारे द्वार अभियान

उत्तर प्रदेश की 58,189 ग्राम     पंचायतों  में लागू होगा       सिटीजन चार्टर । उत्तर प्रदेश में ग्रामों का विकास कराने के साथ ही पंचायतों में जन सुविधाओं के लिए भी जवाब देही होगी। योगी सरकार प्रदेश की सभी 58 189 ग्राम पंचायतों में सिटीजन चार्टर को लागू करेगी। उसने मॉडल चार्टर जारी कर दिया है, ग्राम पंचायतों को इनमें से कुछ सुविधाओं को चयनित कर 15 अगस्त तक लागू करना होगा। पंचायतों में ग्राम सचिवालय की स्थापना तथा  कंप्यूटरऑपरेटर की भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही है। प्रदेश सरकार "मेरी पंचायत,मेरा अधिकार-जनसेवाएं हमारे द्वारा                                         अभियान शुरू कर रही है इसमें गांव की सरकार को जवाबदेह बनाने की योजना है। लोगों को यह पता हो कि इस सुविधा का लाभ या समस्या का समाधान इतने दिनों में हो जाएगा। यह पहाड़ सिटीजन चार्टर के तहत हो रहा है। <head><script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js...

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद क्या है, पूजा स्थल कानून क्या है, बनारस भी अयोध्या के राह पर

https://dailyhindustannews.blogspot.com/2022/05/blog-post.html पूजा स्थल कानून क्या है, क्यों उठ रहे सवाल ? ** 1991 में  केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, और उसने लेकर आई थी पूजा स्थल कानून। ** मंदिर आंदोलन के दौर में मंदिर मस्जिद विवाद के कारण इन विवादों को रोकने के लिए लाया गया था कानून। ** इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है कोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा है। ** याचिका में इस कानून को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाला तथा भेदभाव पूर्ण बताया गया है। ज्ञानवापी मस्जिद विवाद की कहानी ** 1991- पहली बार मुकदमा दायर कर पूजा करने की अनुमति मांगी गई। ** 1993 - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यथास्थिति रखने का आदेश दिया । ** 2018 - सुप्रीम कोर्ट ने स्टे आर्डर की  वैधता 6 महीने के लिए बढ़ाई । ** 2019 - वाराणसी कोर्ट में फिर इस मामले की सुनवाई शुरू हुई । ** 2021 - फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ज्ञानवापी पुरातात्विक  सर्वेक्षण के लिए अनुमति दे दी । 99 11औ थ