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Pramod Kumar

ज्ञानवापी मस्जिद विवाद क्या है, पूजा स्थल कानून क्या है, बनारस भी अयोध्या के राह पर

राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण का दूसरा केंद्र कहां खोला जा रहा है?

 राष्ट्रीय ध्वज निर्माण का दूसरा केंद्र बनेगा जेपी का गांव सिताबदियारा ।


लोकनायक जयप्रकाश नारायण का पैतृक गांव लाला टोला सिताब दियारा बलिया,( उत्तर प्रदेश ) देश का दूसरा झंडा निर्माण केंद्र बनेगा ।लोकनायक जयप्रकाश नारायण का पैतृक गांव लाला टोला सिताब दियारा बलिया,( उत्तर प्रदेश ) देश का दूसरा झंडा निर्माण केंद्र बनेगा ।
अभी तक राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण कर्नाटक में हुबली शहर के बेंगेरी में होता था।
कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ यहां 'तिरंगा' बनाता है।
वर्तमान में पूरे देश में तिरंगे की आपूर्ति यहीं से की जाती है।
बहुत जल्द जेपी के गांव में भी बनना शुरू हो जाएगा ।


केंद्र सरकार में जयप्रकाश नारायण के गांव को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए 11 अक्टूबर 2016 को  7 बड़ी योजनाओं को शुरू किया था ।
इसके तहत जेपी के पैतृक घर को वर्चुअल रूप से म्यूजियम बना दिया है। इसके अलावा 30 एकड़ में चित्र संग्रहालय , राष्ट्रीय झंडा निर्माण केंद्र, पंचायती राज शोध संस्थान, राष्ट्रीय खादी ग्राम उद्योग सेन्टर व अध्ययन केंद्र की स्थापना होना।

18 तरह की लैब टेस्टिंग :-  

खादी और ग्रामोद्योग आयोग, पटना के निदेशक हनीश ने बताया कि राष्ट्रीय ध्वज निर्माण के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस ) कि स्वीकृति लेनी पड़ती है।
राष्ट्रीय ध्वज की क्वालिटी को भी  ( बीआईएस ) चेक करता है।

कुल 18 तरह के लैब टेस्ट होते हैं। निर्धारित रंग के शेड से तिरंगे का शेड अलग ना हो।
केसरिया, सफेद और हरे रंग के कपड़े की लंबाई-चौड़ाई में जरा सा भी अंतर न हो।
अगले तथा पिछले भाग पर अशोक चक्र की छपाई बिल्कुल समान होनी चाहिए।
अलग-अलग स्थानों के लिए झंडे का साइज अलग-अलग निर्धारित किया जाता है।


सबसे छोटे झंडे का आकार 6 इंच लम्बा तथा चौड़ाई 4 इंच चौड़ा होता है।
सबसे बड़े आकार का झंडा 21 फिट लंबा तथा 14 फीट चौड़ा होता है।





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